दोहा में दोनों देशों के अफसरों ने हिंसा के बाद तनाव कम करने का फैसला किया। पिछले कुछ दिनों में सीमा पर हुई झड़पों में कई लोग मारे गए थे और बहुत से घायल भी हुए थे।
काफी समय से चल रहे तनाव और सीमा पर हो रही लड़ाई के बाद, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के अफसरों ने कतर की राजधानी दोहा में मिलकर बातचीत की और लड़ाई रोकने का फैसला किया।
'एपी' की खबर के अनुसार, पिछले हफ्ते दोनों तरफ की लड़ाई बहुत बढ़ गई थी, जिसमें कई लोगों की जान चली गई और सैकड़ों घायल हो गए। इस समझौते को इलाके में शांति के लिए ज़रूरी माना जा रहा है, क्योंकि लगातार लड़ाई की वजह से व्यापार, लोगों तक मदद पहुँचाने और सीमा के आसपास रहने वाले लोगों की ज़िंदगी पर बुरा असर पड़ रहा था।
इसी बीच, अमेरिका के विदेश विभाग ने गाजा में आम लोगों के खिलाफ हमले की आशंका जताई है और कहा है कि लड़ाई रुकने के बाद भी चिंता बनी हुई है। इससे पता चलता है कि पूरे इलाके में सुरक्षा की हालत कितनी नाजुक है। आजकल, कैरिबियाई समुद्र में एक 'ड्रग-सबमरीन' पर अमेरिकी कार्रवाई और आग लगने की घटनाओं जैसे मामले भी चर्चा में हैं।
जानकारों का मानना है कि दोहा में हुए समझौते से सीमा के पास रहने वाले लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन हमेशा के लिए शांति बनाए रखने के लिए ज़रूरी है कि दोनों देश एक-दूसरे पर भरोसा करें, सीमा का ठीक से ध्यान रखें और लगातार राजनीतिक और सुरक्षा मामलों पर बातचीत करते रहें।
दोहा में हुई बातचीत के बाद, पाकिस्तान और अफगानिस्तान हाल ही में हुई लड़ाई को रोकने के लिए तैयार हो गए हैं। सीमा के आसपास रहने वाले लोगों की ज़िंदगी, व्यापार और मदद पहुँचाने के काम पर असर पड़ने के बाद, इसे इलाके में शांति की दिशा में एक ज़रूरी कदम माना जा रहा है। हालाँकि, अभी भी कई जगहों पर सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है।
काफी समय से चल रहे तनाव और सीमा पर हो रही लड़ाई के बाद, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के अफसरों ने कतर की राजधानी दोहा में मिलकर बातचीत की और लड़ाई रोकने का फैसला किया।
'एपी' की खबर के अनुसार, पिछले हफ्ते दोनों तरफ की लड़ाई बहुत बढ़ गई थी, जिसमें कई लोगों की जान चली गई और सैकड़ों घायल हो गए। इस समझौते को इलाके में शांति के लिए ज़रूरी माना जा रहा है, क्योंकि लगातार लड़ाई की वजह से व्यापार, लोगों तक मदद पहुँचाने और सीमा के आसपास रहने वाले लोगों की ज़िंदगी पर बुरा असर पड़ रहा था।
इसी बीच, अमेरिका के विदेश विभाग ने गाजा में आम लोगों के खिलाफ हमले की आशंका जताई है और कहा है कि लड़ाई रुकने के बाद भी चिंता बनी हुई है। इससे पता चलता है कि पूरे इलाके में सुरक्षा की हालत कितनी नाजुक है। आजकल, कैरिबियाई समुद्र में एक 'ड्रग-सबमरीन' पर अमेरिकी कार्रवाई और आग लगने की घटनाओं जैसे मामले भी चर्चा में हैं।
जानकारों का मानना है कि दोहा में हुए समझौते से सीमा के पास रहने वाले लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन हमेशा के लिए शांति बनाए रखने के लिए ज़रूरी है कि दोनों देश एक-दूसरे पर भरोसा करें, सीमा का ठीक से ध्यान रखें और लगातार राजनीतिक और सुरक्षा मामलों पर बातचीत करते रहें।
दोहा में हुई बातचीत के बाद, पाकिस्तान और अफगानिस्तान हाल ही में हुई लड़ाई को रोकने के लिए तैयार हो गए हैं। सीमा के आसपास रहने वाले लोगों की ज़िंदगी, व्यापार और मदद पहुँचाने के काम पर असर पड़ने के बाद, इसे इलाके में शांति की दिशा में एक ज़रूरी कदम माना जा रहा है। हालाँकि, अभी भी कई जगहों पर सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है।
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